Premnarayan panthi PS bahadarpur sunkher कक्षा में विविधता के रूप में भिन्न शारीरिक एवं मानसिक आयु के बच्चे होते हैं जिनकी योग्यता एवं स्तर अलग-अलग होते हैं । इन बच्चों को अन्य सामान्य बच्चों के साथ हमें अध्यापन कार्य करना चाहिए । प्रत्येक बच्चे में अपना एक कौशल होता है, शिक्षक के रूप में उसके कौशल को विकसित करना चाहिए साथ ही कमजोर छात्र को हीन दृष्टि या भावना से नहीं आंकना चाहिए, अपितु उसके अंदर छुपे हुए कौशल को विकसित करके उसकी प्रतिभा को निकालना चाहिए।

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